Skip to main content

Posts

Showing posts from January, 2021

पूर्णागिरि मंदिर, देवभूमि उत्तराखण्ड

पूर्णागिरि मंदिर, देवभूमि उत्तराखण्ड के टनकपुर में अन्नपूर्णा शिखर पर है। यह 108 सिद्ध पीठों में से एक है। यह स्थान महाकाली की पीठ माना जाता है। यहां पर माता सती की नाभि का भाग भगवान विष्णु के चक्र से कटकर गिरा था। इस शक्तिपीठ की अनोखी कहानी है, यहां चमत्कार तो जैसे आम जीवन का हिस्सा बन गए हैं। आइए जानते हैं गिरि मंदिर के बारे में खास बातें… भैरवनाथ देते हैं दर्शन की अनुमति:- चारों दिशाओं में स्थित मल्लिका गिरि, कालिका गिरि, हमला गिरि व पूर्णागिरि में इस पावन स्थल पूर्णागिरि को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ है। पूर्णागिरि पर्वत पर विराजमान देवी ने कई ऐसे चमत्कार भी किए जो लोगों को मां पूर्णागिरि की दैवीय शक्ति का अहसास कराते हैं। धाम की ओर रवाना होने से पहले देवी के द्वारपाल के रूप में भैरव मंदिर में बाबा भैरव नाथ की पूजा करने की परंपरा है। माना जाता है कि धाम के द्वार पर बाबा भैरवनाथ ही देवी के दर्शन के लिए जाने की अनुमति देते हैं। मन्नत से जुड़ी है झूठा मंदिर की गाथा:- दर्शन कर लौटते वक्त रास्ते में स्थापित महाकाली और झूठा मंदिर की पूजा की जाती है। झूठा मंदिर की गाथा द...